Wednesday, 22 February 2017

स्वराज इंडिया ने एमसीडी चुनाव में आम आदमी पार्टी के 16 पूर्व कार्यकत्र्ताओं को दिया टिकट

बलिराम सिंह, नई दिल्ली
स्वराज इंडिया ने बुधवार को दिल्ली नगर निगम चुनाव के लिए 25 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी, इनमें से 16 उम्मीदवार आम आदमी पार्टी के पूर्व कार्यकत्र्ता रह चुके हैं। आम आदमी पार्टी से योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण के अलग होने के बाद ये कार्यकत्र्ता भी आप से अलग हो गए थे और स्वराज अभियान में शामिल हो गए। ये प्रत्याशी पूर्व में इंडिया अगेंस्ट करप्शन से जुड़े थे और जनलोकपाल अांदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। हालांकि इनमें एलएलएम की डिग्रीधारी से लेकर चौथी पास लोगों को भी शामिल किया गया है। गोविंद पुरी के प्रत्याशी इकबाल सिद्दकी मात्र चौथी पास हैं।
स्वराज इंडिया ने इन उम्मीदवारों के चयन के लिए त्रिस्तरीय जांच की गई। इसके तहत स्क्रीनिंग कमेटी, सेलेक्शन कमेटी के अलावा स्वतंत्र इंटेग्रिटी कमेटी की मंजूरी मिलने के बाद उम्मीदवारों की घोषणा की गई। स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव प्रो.अजीत झा का कहना है कि हमने वकील, डॉक्टर और प्रोफेशनल को तवज्जो दी है। इनमें से 11 महिलाओं को भी शामिल किया गया है। 2 अनारक्षित सीटों पर भी महिलाओं को लड़ाया जाएगा। अधिकांश उम्मीदवारों की औसत उम्र 38 साल है। पांच उम्मीदवार आरक्षित सीट से संबंधित हैं।
उत्तरी दिल्ली नगर निगम के उम्मीदवार-
1.वार्ड नंबर 8 झरौडा से पूनम राय, 2.वार्ड 14 जीटीबी नगर से अनिल रूद्र, 3.वार्ड 17 आदर्श नगर से सपना खंडेलवाल, 4.वार्ड 43 प्रेम नगर से डॉ.आलोक मोहन, 5.वार्ड 47 सुल्तानपुरी से अनुराग पिहाल, 6. वार्ड 51 निहाल विहार से सपना श्रीवास्तव, 7.वार्ड 78 कमला नगर से सुजाता गुप्ता, 8.वार्ड 80 सदर बाजार से राजुमा, 9.वार्ड 93 पहाड़गंज से सर्वेश वर्मा, 10.वार्ड 76 संगम पार्क से लखेंद्र महतो
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के उम्मीदवार-
1.वार्ड 37 मटियाला से डिंपल सोलंकी, 2.वार्ड 41 गोपाल नगर से विमला बिष्ट, 3.वार्ड 48 बिजवासन से सत्येंद्र राणा, 4.वार्ड 54 पालम से उपासना, 5.वार्ड 60 कोटला मुबारकपुर से दिलीप कोली, 6.वार्ड 73 आया नगर से सुंदर भाटी, 7.वार्ड 78 संगम विहार से शालू शर्मा, 8.वार्ड 82 तुगलकाबाद एक्सटेंशन से रूक्सार, 9.वार्ड 85 संगम विहार डी से पंकज चौधरी, 10.वार्ड 84 संगम विहार ई से वर्तमान निर्दलीय पार्षद कल्पना झा, 11.वार्ड 91 गोविंदपुरी से इकबाल सिद्दकी, 12.वार्ड 92 हरकेश नगर से प्रिंस
पूर्वी दिल्ली नगर निगम के उम्मीदवार-
1.वार्ड 12 पटपड़गंज से मानव, 2.वार्ड 62 सदातपुर से गीता रानी, 3.वार्ड 29 विवेक विहार से सुनील कुमार 

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Sunday, 6 November 2016

CloudSeeding कृत्रिम बारिश के जरिए होगी दिल्ली प्रदूषण मुक्त



 बलिराम सिंह, नई दिल्ली
दिल्लीवालों को वायु प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए कृत्रिम बारिश का सहारा लिया जा सकता है, ताकि बारिश के जरिए वातावरण में व्याप्त जहरीली धुंध जमीन पर बैठ जाए और लोग राहत की सांस ले। रविवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आयोजित दिल्ली कैबिनेट की बैठक में दिल्ली में कृत्रिम बारिश के जरिए प्रदूषण को दूर करने का फैसला किया गया। इस बाबत दिल्ली सरकार केंद्र से सहयोग लेगी। इसके साथ ही एक बार फिर से दिल्ली में ‘ऑड-ईवन फॉर्मूला’ को लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। दिल्ली सरकार ने प्रदूषण काे रोकने के लिए 13 सूत्री आपातकालीन फाॅर्मूला तैयार किया है।
प्रदूषण रोक के लिए दिल्ली सरकार का 13 सूत्री फॉर्मूला-
- अगले पांच दिनों तक किसी भी तरह का निर्माण अथवा भवन गिराने जैसे कार्य को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
-अगले पांच दिनों तक डीजल चालित जनरेटर चलाने पर रोक, हालांकि अस्पताल और मोबाइल टॉवर जैसे इमरजेंसी सेवा में इसे लागू नहीं किया जाएगा।
-बदरपुर थर्मल पॉवर प्लांट को अगले 10 दिनों तक बंद किया जाएगा।
-100 फीट चौड़ी सड़कों को स्प्रिंकल तकनीकी से सफाई की जाएगी, पीडब्ल्यूडी द्वारा प्रत्येक सड़क को सप्ताह में एक बार साफ किया जाएगा।
-बदरपुर थर्मल पॉवर प्लांट से राख की ढुलाई भी अगले 10 दिनों तक बंद रहेगा। प्लांट से निकलने वाली राख पर पानी का छिड़काव किया जाएगा, ताकि हवा में राख न उड़े
-पेड़ों से गिरी पत्तियों, कचरे को हर हालत में जलाने से रोकने परजोर। यदि कहीं पर इस तरह की घटना होती है तो इसके लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
-10 नवंबर से सड़कों की वैक्यूम क्लीनिंग तरीके से सफाई की जाएगी
-सभी निजी व सरकारी स्कूलों को सोमवार से अगले तीन दिनों तक बंद कर दिया गया है
-एमसीडी यह सुनिश्चित करेगी कि ढलाई घरों पर कचरे न जलाया जाए
ऑड-ईवन की फिर से तैयारी-
प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए दिल्ली सरकार ने एक बार फिर से ऑड-ईवन फॉर्मूला को लागू करने की तैयारी में जुट गई है। सरकार ने संबंधित एजेंसियों को इस पर काम शुरू करने का निर्देश दिया है।
-सभी स्वास्थ्य और पर्यावरण विभाग को एडवाइजरी लागू करने का निर्देश दिया गया है
-किसी भी स्थान पर कूड़ा-कचरा अथवा पत्तियों के जलाने पर रोक लगाने के लिए पर्यावरण विभाग जल्द ही एक विशेष ऐप लांच करेगा, जिसके जरिए आम जनता सीधे पर्यावरण विभाग को रिपोर्ट करेगी।
-केंद्र सरकार से कृत्रिम बारिश कराने के लिए मुख्य सचिव और पर्यावरण सचिव संपर्क करेंगे।
वर्ष 2003 में महाराष्ट्र में हुई थी कृत्रिम बारिश-     
कृत्रिम बारिश के लिए सिल्वर आयोडाइड या शुष्क बर्फ (ठोस कार्बन डाईऑक्साइड) को जनरेटर या हवाई जहाज के ज़रिए वातावरण में फैलाया जाता है। विमान से सिल्वर आयोडाइड को बादलों के बहाव के साथ फैला दिया जाता है।
सिल्वर आयोडाइड क्रिस्टल की संरचना प्राकृतिक बर्फ के जैसी ही होती है। सिल्वर आयोडाइड क्रिस्टल की सतह पर जमा पानी और बर्फ के कैसे कराते हैं कृत्रिम बारिश प्रवीण कुमार मौसम को अपने अनुरुप परिवर्तित करने के लिए विभिन्न देशों में बादलों के बीजारोपण (क्लाउड-सीडिंग) का इस्तेमाल पिछले 50 से अधिक वर्षो से हो रहा है।
चीन में ओलंपिक खेलों से पहले किया गया-
अगस्त 2008 में बीजिंग ओलंपिक के दौरान इसका प्रयोग किया गया था। कहते हैं कि बादल-बीजारोपण करके ओलंपिक उद्धाटन समारोह पर मंडरा रहे बारिश के खतरे को सफलता पूर्वक टाल दिया गया था। कण इस तरह से बनते हैं, जैसे वे प्राकृतिक बर्फ ही हों।
2003 में महाराष्ट्र में हुई थी कृत्रिम बारिश-
महाराष्ट्र में इससे पहले 2003 में कृत्रिम बारिश कराई गई थी। तब सरकार ने 5 करोड़ 40 लाख रुपये खर्च करके 22 तालुकाओं में कृत्रिम बारिश का प्रयोग किया था। यह प्रयोग सफल रहा था।
प्रदूषण के खिलाफ सड़कों पर आई जनता-
दिल्ली एनसीआर में पिछले एक सप्ताह से छाये प्रदूषण युक्त धुंध के खिलाफ अब दिल्ली की जनता घर से बाहर निकल पड़ी है। रविवार को दिल्ली की महिलाएं, स्कूली बच्चे, सामाजिक कार्यकत्र्ता प्रदूषण के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पहुंचे। लोगों ने प्रदूषण रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की। इस मौके पर लोगों ने हस्ताक्षर अभियान भी चलाया, जिसे जल्द ही राष्ट्रपति को सौपेंगे।

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Thursday, 1 September 2016

महिलाओं के लिए अन्य राज्यों के अपेक्षा सुरक्षित है बिहार


बलिराम सिंह, नई दिल्ली
जनाब, बिहार नहीं बल्कि दिल्ली में है जंगलराज। दिल्ली में रहने वाली महिलाएं सर्वाधिक असुरक्षित हैं। जबकि अनुपात के मुताबिक देश के अन्य राज्यों के अपेक्षा बिहार में महिलाएं कमोबेश सुरक्षित हैं। आंकड़ों के अनुसार बिहार 13वें स्थान पर और अनुपात के अनुसार 24वें स्थान पर है।
नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के मुताबिक वर्ष 2015 में दिल्ली में महिलाओं के साथ 2199 बलात्कार की घटनाएं घटित हुईं। आबादी के अनुपात से यह से 23.7 फीसदी था। जो कि देश में सर्वाधिक था। उधर, देश में सर्वाधिक 4391 बलात्कार की घटनाएं मध्य प्रदेश में हुईं। खास बात यह है कि बिहार संख्या के अनुसार 13वें पायदान पर है और अनुपात के अनुसार 24वें पायदान पर है। केंद्रीय गृहमंत्रालय द्वारा जारी इस रिपोर्ट से स्पष्ट हो जाता है कि बिहार की आलोचना एक सोची-समझी रणनीति के तहत की जा रही है।
भाजपा शासित राज्यों में ज्यादा घटनाएं-
आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, छतीसगढ़ में भाजपा का शासन है। इसके अलावा दिल्ली एक केंद्रशासित प्रदेश है, जहां सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था सीधे केंद्र सरकार के हाथ में है।  
गुजरात में भी महिलाएं सुरक्षित-
गुजरात में भी महिलाओं के खिलाफ बलात्कार की घटनाएं काफी कम घटित हुई हैं। केरल को छोड़कर दक्षिण भारत के राज्यों में काफी कम घटनाएं घटित हुई हैं।
लक्षद्वीप में शून्य घटनाएं-
लक्षद्वीप में वर्ष 2015 के दौरान बलात्कार की एक भी घटनाएं नहीं घटी हैं। इसी तरह पुड्‌डुचेरी में मात्र 3 घटनाएं घटित हुईं।
प्रदेश   - रेप की घटनाएं          - फीसदी
1.मध्य प्रदेश- 4391 – 11.9 फीसदी
2. महाराष्ट्र – 4144 – 7.3 फीसदी
3. राजस्थान- 3644 – 10.5 फीसदी
4. उत्तर प्रदेश – 3025 – 3 फीसदी
5. उड़ीसा – 2251 – 10.8 फीसदी
6. असम – 1733 – 11 फीसदी
7. छतीसगढ़ – 1560 – 12.2 फीसदी
8. केरल- 1256 – 6.9 फीसदी
9. पश्चिम बंगाल – 1199 – 2.6 फीसदी
10. तेलांगाना – 1105- 6.1 फीसदी
11. हरियाणा- 1070 – 8.6 फीसदी
12. झारखंड – 1053 – 6.5 फीसदी
13. बिहार – 1041 – 2.1 फीसदी
14. आंध्र प्रदेश- 1027 – 4 फीसदी
15. पंजाब – 886 – 6.7 फीसदी
16. कर्नाटका – 589 – 1.9 फीसदी
17. गुजरात – 503 – 1.7 फीसदी
18. तमिलनाडु- 441 – 1.2 फीसदी
19. जम्मू – कश्मीर- 296 -5 फीसदी
20. उत्तराखंड – 283 – 5.5 फीसदी
21. हिमाचल प्रदेश – 244 – 7.1 फीसदी
22. त्रिपुरा – 213 – 11.5 फीसदी
23. मेघालय – 93 – 6.8 फीसदी
24. गोवा – 86 – 9.4 फीसदी
25. अरुणांचल प्रदेश- 71 – 11.5 फीसदी
26. मिजोरम – 58 – 11.3 फीसदी
27. मणिपुर – 46 – 3.6 फीसदी
28. नागालैंड – 35 – 3.1 फीसदी
29. सिक्किम – 5 – 1.7 फीसदी
केंद्र शासित प्रदेश-
1. दिल्ली – 2199 – 23.7 फीसदी
2. चंडीगढ़ – 72 – 10.1 फीसदी
3. अंडमान निकोबार- 36- 13.5 फीसदी
4. दादरा एंड नगर हवेली- 8- 4.1 फीसदी
5. दमन और दीयू- 5- 4.7 फीसदी
6. पुुडुचेरी – 3 – 0.4 फीसदी
7. लक्षद्वीप – 0 – 0 फीसदी

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Friday, 23 January 2015

DELHI- 21 सालों में भाजपा की मात्र दो महिलाओं ने लांघी विधानसभा की सीढिय़ां


-महिला अधिकार की बात करने वाली आप-कांग्रेस-भाजपा के खाते में महिला उम्मीदवारों का टोटा
बलिराम सिंह, नई दिल्ली
आधी आबादी के अधिकारों की वकालत करने वाली दिल्ली की तीनों महत्वपूर्ण पार्टियों ने महिलाओं को टिकट देने में कंजूसी बरती है। सड़क से लेकर संसद में शोर मचाने वाली इन पार्टियों (भाजपा, आप, कांग्रेस) ने दिल्ली की 70 सीटों पर उतारे गए 210 उम्मीदवारों में से मात्र 19 महिलाओं को ही शामिल किया है। खास बात यह है कि पिछले 21 सालों के दौरान भाजपा की मात्र दो महिलाओं (पूर्णिमा सेठी और सुष्मा स्वराज) ने ही जीत का परचम लहराया और विधानसभा की सीढिय़ां चढ़ सकीं।
भारतीय जनता पार्टी ने 70 सीटों में से 8 सीटों पर महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। जो कि पिछले विधानसभा चुनाव के अपेक्षा 3 ज्यादा है। कृष्णा नगर से पूर्व आईपीएस अधिकारी और भाजपा की तरफ से मुख्यमंत्री की उम्मीदवार डॉ.किरन बेदी और पटेल नगर से पूर्व केन्द्रीय मंत्री कृष्णा तीरथ को छोड़कर अधिकांश महिला उम्मीदवार की औसतन उम्र 40 साल के करीब है। इन दोनों महिलाओं के अलावा प्रो.रजनी अब्बी, रेखा गुप्ता, नुपूर शर्मा, किरन वैद्य, नंदिनी शर्मा और सरिता चौधरी चुनाव लड़ रही हैं। ये सभी महिलाएं उच्च शिक्षा प्राप्त हैं।
आप की 6 महिला उम्मीदवार-
महिलाओं की सुरक्षा का खुद को सबसे बड़ा पैरोकार बताने और पिछले दिनों इसी विषय पर तालकटोरा गार्डन में दिल्ली डायलॉग का आयोजन करने वाली अम आदमी पार्टी ने मात्र 6 महिलाओं को ही टिकट दिया है, जो कि नौ फीसदी से भी कम हैं। इनमें पार्टी ने पूर्व मंत्री राखी बिड़लान, प्रोमिला टोकस, सरिता सिंह, अल्का लांबा, वंदना झा और भावना गौड़ शामिल हैं। इनमें से अल्का लांबा पूर्व दिल्ली विश्वविद्यालय की अध्यक्ष रह चुकी हैं, जबकि पत्रकारिता की डिग्री हासिल करने वाली राखी बिड़लान पूर्व में मंत्री रह चुकी हैं। इन सभी महिलाओं की औसत उम्र 40 साल से कम है। हालांकि इस मामले में पार्टी के प्रवक्ता का कहना है कि पिछले विधानसभा क्षेत्र में भी उन्होंने 6 महिलाओं को टिकट दिया था और आप की महिला उम्मीदवारों को ही जीत हासिल हुई थी। 
कांग्रेस की महिला उम्मीदवार-
महिलाओं को टिकट देने के मामले में कांग्रेस ने सर्वाधिक कंजूसी बरती है। पार्टी ने मात्र 5 महिलाओं को ही चुनाव मैदान में उतारा है। इनमें मुंडका से रीता शौकीन, शालीमार बाग से सुलेखा अग्रवाल, राजौरी गार्डन से मीनाक्षी चंदेला, नई दिल्ली से डॉ.किरन वालिया और ग्रेटर कैलाश से शर्मिष्ठा मुखर्जी शामिल हैं। राष्ट्रपति की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी के ग्रेटर कैलाश से चुनाव लडऩे की वजह से यह सीट अत्यधिक महत्वपूर्ण हो गई है। इसके अलावा आप के स्टार अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चुनाव लड़ रही पूर्व मंत्री डॉ.किरन वालिया के लिए भी चुनौती है।
वर्ष 2013 में चुनाव में महिलाओं की स्थिति-
वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा, कांग्रेस और आप ने 17 महिलाओं को टिकट दिया, जिनमें से केवल आप की तीन महिला उम्मीदवारों (राखी बिड़लान, वंदना झा और वीना आनंद) को ही जीत हासिल हुई थी। 
21 सालों में महिलाओं की जीत की सूची-
वर्ष            जीत
1993   -   कांग्रेस की 7 में 2, भाजपा की 4 में मात्र 1
1998   -   कांग्रेस की 10 में 8, भाजपा की 5 में मात्र 1
2003   -   कांग्रेस की 12 में 7, भाजपा की 6 में से सभी हार गईं
2008   -   कांग्रेस की 8 में 3, भाजपा की 4 में से सभी हार गईं
2013  -    केवल आप की 6 में 3 ने जीत हासिल की
महिला प्रत्याशियों की हिस्सेदारी-
वर्ष      कुल प्रत्याशी         -   महिला प्रत्याशियों की हिस्सेदारी
1993   - 1316             - 4.48 फीसदी
1998  -  815             - 6.9 फीसदी
2003  -  817             - 9.5 फीसदी
2008  -  875             - 9.3 फीसदी
2013  -  810             - 8.76 फीसदी
21 सालों में जीतने वाली महिलाएं-
वर्ष 1993-
कांग्रेस -
बलजीत नगर से कृष्णा तीरथ, मिंटो रोड से ताजदार बाबर,
भाजपा- कालकाजी से पूर्णिमा सेठी
वर्ष 1998 -
कांग्रेस- शीला दीक्षित, ताजदार बाबर, किरन चौधरी, सुशीला देवी, मीरा भारद्वाज, अंजली राय, दर्शना और कृष्णा तीरथ
भाजपा-हौज खास से सुष्मा स्वराज
वर्ष 2003 -
कांग्रेस - शीला दीक्षित, ताजदार बाबर, किरन वालिया, बरखा सिंह, मीरा भारद्वाज, अंजली राय और कृष्णा तीरथ
वर्ष 2008 -
कांग्रेस -
शीला दीक्षित, किरन वालिया, बरखा सिंह
वर्ष 2013 -
आम आदमी पार्टी- मंगोलपुरी से राखी बिड़लान, शालीमार बाग से वंदना कुमारी और पटेल नगर से वीना आनंद

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