Wednesday, 27 March 2019

समाज को कृष्णा पटेल से ये सवाल जरूर पूछना चाहिए,,,



नई दिल्ली

2019 के रण में जहां सभी पार्टियां अपने प्रत्याशियों को जीताने के लिए धूप में पसीना बहा रही हैं। वहीं गोंडा से कांग्रेस गठबंधन की लोकसभा प्रत्याशी कृष्णा पटेल आजकल अपनी बेटी एवं मीरजापुर से अपना दल (एस) एवं भाजपा गठबंधन की प्रत्याशी केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल पर ज्यादा हमलावर हो गई हैं। समाज और मीडिया को इस मामले में कृष्णा पटेल से सवाल जरूर करना चाहिए कि आखिर वो ऐसा क्यों कर रही हैं?
कृष्णा पटेल से सवाल होना चाहिए कि वह अपनी सीट गोंडा में चुनावी तैयारी करने की बजाय बेटी को हराने के लिए क्यों पसीना बहा रही हैं।
कृष्णा पटेल से सवाल होना चाहिए कि आप अपना दल (एस) और भाजपा का गठबंधन को किस आधार पर गलत मानती हैं, क्या डॉ.सोनेलाल पटेल ने वर्ष 2007 में भाजपा से गठबंधन नहीं किया था।
पिछले महीने जब कुछ मुद्दों को लेकर भाजपा और अपना दल (एस) के बीच कुछ तल्खियां बढ़ गई थी तो क्या आपने  प्रतापगढ़ के सांसद कुंवर हरिवंश सिंह के साथ प्रदेश भाजपा नेतृत्व से मुलाकात नहीं की थी? इस मुलाकात के क्या मायने थे?
कृष्णा पटेल से यह भी सवाल होने चाहिए कि उन्होंने अपनी बेटी अनुप्रिया पटेल की बजाय कुंअर हरिवंश सिंह को बढ़ावा क्यों दिया? जबकि कुंअर हरिवंश सिंह के दिल्लीवाले आवास के बाहर लगे बैनर-पोस्टर में प्रतापगढ़ सांसद ने कभी भी अपनी पार्टी का जिक्र नहीं किया।
कृष्णा पटेल से यह भी सवाल होना चाहिए, “क्या वह अपनी बेटी का घर बर्बाद करना चाहती हैं। वह मुद्दों की बजाय बेटी पर व्यक्तिगत टिप्पणी क्यों करती हैं।“
कृष्णा पटेल से यह भी सवाल होना चाहिए, “एक बेटी की राजनीतिक हत्या करके दूसरी बेटी को आगे बढ़ाने क्यों लगी हुई हैं।”
कृष्णा पटेल से यह भी सवाल होना चाहिए, “जब अनुप्रिया पटेल परिवारिक मामले में किसी तरह की टिप्पणी से इंकार करती हैं तो उनकी दूसरी बेटी पल्लवी पटेल अपनी छोटी बहन पर असंसदीय भाषा का इस्तेमाल क्यों करती हैं।”

Wednesday, 1 November 2017

polluted yamuna

Friday, 23 June 2017

मात्र एक क्लिक में जाने आपके गांव में पैसा कहां खर्च हुआ


बलिराम सिंह, नई दिल्ली
आपकी ग्राम पंचायत के विकास का पूरे एक साल का खर्च का ब्यौरा अब मात्र एक क्लिक पर आपके सामने होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस सार्थक पहल से आम जनता को मालूम हो सकेगा कि उसकी ग्राम पंचायत में आखिर पैसा कहां खर्च किया गया। 
भारत सरकार की इस वेबसाइट  http://www.planningonline.gov.in/ReportData.do?ReportMethod=getAnnualPlanReport पर आप यह जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 
प्रधानमंत्री के इस पहल से देश का हर मतदाता यह जान सकेगा कि उसके गांव में नाली, खड़ंजा, नल, सफाई, अस्पताल, स्कूल, बीमारी आदि जैसे किसी भी मद में कितना पैसा आया है। वह वेबसाइट क्लिक कर एक-एक डिटेल देख सकता है। अनुभव के लिए आप भी एक बार क्लिक कीजिए, आपको अद्भुत अनुभव होगा।
इस लिंक पर जाकर पहले आप योजना का साल और राज्य का नाम टाइप करें, फिर ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत में से किसी एक को क्लिक करें। अगर आप ग्राम पंचायत को क्लिक करेंगे तो, उसके बाद जिले पर क्लिक करें, जिला क्लिक करने के बाद, अपने ब्लॉक और ब्लॉक में अपने गांव का नाम देख क्लिक करेंगे तो आपको फिर ब्लॉक या विकास पंचायत और फिर अपने गांव पर क्लिक करके सरकार द्वारा कराये जा रहे विकास कार्यों के मद में मिले बजट को देख सकते हैं।
आपको लगेगा कि जिस अधिकार के लिए भारत की जनता ७० साल से संघर्षरत थी वह पहली बार जाकर हासिल हुआ है।
माना जा रहा है कि मोदी सरकार की यह पहल भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के काम आएगी और लोकतंत्र को मजबूत करेगी। यह जानकारी जनता के हाथ में वह हथियार है, जिसको सामने रख वोटर पूछ और मौके पर सबूत के तौर पर वेबसाइट के आंकड़े दिख सकेगा कि जो यह पैसा आया है, वह कहां खर्च हुआ है। 
साभार www.janjwar.com

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Wednesday, 22 March 2017

आदित्यनाथ ने मंत्रियों को बांटे विभाग, प्रशासन की कमान खुद संभालेंगे मुख्यमंत्री

बलिराम सिंह, नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने मुख्यमंत्री आदित्य नाथ योगी के प्रस्ताव दोनों उप मुख्यमंत्रियों सहित सभी 22 मंत्री, 9 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा 13 राज्यमंत्रियों को विभाग आवंटित करने पर अपना अनुमोदन प्रदान कर दिया है।
प्रशासन से लेकर नियुक्ति तक मुख्यमंत्री के पास-
*मुख्यमंत्री* ने गृह, आवास एवं शहरी नियोजन, राजस्व, खाद्य एवं रसद, नागरिक आपूर्ति, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, अर्थ एवं संख्या, भूतत्व एवं खनिकर्म, बाढ़ नियंत्रण, कर निबंधन, कारागार, सामान्य प्रशासन, सचिवालय प्रशासन, गोपन, सर्तकता, नियुक्ति, कार्मिक, सूचना, निर्वाचन, संस्थागत वित्त, नियोजन, राज्य सम्पत्ति, नगर भूमि, उत्तर प्रदेश पुनर्गठन समन्वय, प्रशासनिक सुधार, कार्यक्रम कार्यान्वयन, राष्ट्रीय एकीकरण, अवस्थापना, समन्वय, भाषा, वाह्य सहायतित परियोजना, अभाव, सहायता एवं पुनर्वास, लोक सेवा प्रबंधन, किराया नियंत्रण, उपभोक्ता संरक्षण, बाट माप आदि विभाग अपने पास रखे हैं।
*उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य*- को लोक निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, मनोरंजन कर, सार्वजनिक उद्यम विभाग का कार्यभार आवंटित किया गया है।

*उप मुख्यमंत्री डाॅ० दिनेश शर्मा*- को माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रानिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का कार्यभार आवंटित किया गया है।
*मंत्री*
1. सूर्य प्रताप शाही को कृषि, कृषि शिक्षा, कृषि अनुसंधान,
2.सुरेश खन्ना को संसदीय कार्य, नगर विकास, शहरी समग्र विकास,
3.स्वामी प्रसाद मौर्य को श्रम एवं सेवा योजना, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन,
4.सतीश महाना को औद्योगिक विकास,
5.राजेश अग्रवाल को वित्त,
6.रीता बहुगुणा जोशी को महिला कल्याण, परिवार कल्याण, मातृ एवं शिशु कल्याण, पर्यटन,
7.दारा सिंह चैहान को वन एवं पर्यावरण, जन्तु उद्यान, उद्यान,
8.धरमपाल सिंह को सिंचाई, सिंचाई (यांत्रिक),
9.एस०पी० सिंह बघेल को पशुधन, लघु सिंचाई, मत्स्य,
10.सत्यदेव पचैरी को खादी, ग्रामोद्योग, रेशम, वस्त्रोद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, निर्यात प्रोत्साहन,
11.रमापति शास्त्री को समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण,
12.जय प्रकाश सिंह को आबकारी, मद्यनिषेध,
13.ओम प्रकाश राजभर को पिछड़ा वर्ग कल्याण, विकलांग जन विकास,
14.बृृजेश पाठक को विधि एवं न्याय, अतिरिक्त उर्जा स्रोत, राजनैतिक पेंशन,
15.लक्ष्मी नारायण चैधरी को दुग्ध विकास, धमार्थ कार्य, संस्कृति, अल्प संख्यक कल्याण,
16.चेतन चैहान को खेल एवं युवा कल्याण, व्यवसायिक शिक्षा, कौशल विकास,
17.श्रीकांत शर्मा को ऊर्जा, 
18.राजेन्द्र प्रताप सिंह को ग्रामीण अभियंत्रण सेवा,
19.सिद्धार्थ नाथ सिंह को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य,
20. मुकुट बिहरी वर्मा को सहकारिता
21.आशुतोष टण्डन को प्राविधिक शिक्षा एवं चिकित्सा शिक्षा, एवं
22.नंद कुमार नंदी को स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क, पंजीयन नागरिक उड्डयन विभाग आवंटित किया गया है।
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)-
1. अनुपमा जैसवाल को बेसिक शिक्षा, बाल विकास एवं पुष्टाहार, राजस्व (एम०ओ०एस०), वित्त (एम०ओ०एस०),
2.सुरेश राणा को गन्ना विकास एवं चीनी मिलें, औद्योगिक विकास (एम०ओ०एस०),
3.उपेन्द्र तिवारी को जल सम्पूर्ति, भूमि विकास एवं जल संसाधन, परती भूमि विकास, वन एवं पर्यावरण, जन्तु उद्यान, उद्यान, सहकारिता (एम०ओ०एस०)
4.डाॅ० महेन्द्र सिंह को ग्रामीण विकास, समग्र ग्राम विकास, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य (एम०ओ०एस०),
5.स्वतंत्रदेव सिंह को परिवहन, प्रोटोकला, ऊर्जा (एम०ओ०एस०),
6.भूपेन्द्र सिंह चैधरी को पंचायती राज, लोक निर्माण (एम०ओ०एस०),
7.धरम सिंह सैनी को आयुष, अभाव सहायता एवं पुनर्वास,
8.अनिल राजभर को सैनिक कल्याण, खाद्य प्रसंस्करण, होमगार्डस, प्रांतीय रक्षक दल, नागरिक सुरक्षा एवं
9.स्वाति सिंह को एन०आर०आई०, बाढ़ नियंत्रण कृषि निर्यात, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार, महिला कल्याण, परिवार कल्याण, मातृ एवं शिशु कल्याण (एम०ओ०एस०) विभाग का कार्य आवंटित किया गया है।
राज्यमंत्री-
1.गुलाबो देवी को समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण,
2.जय प्रकाश निषाद को पशुधन एवं मत्स्य, राज्य सम्पत्ति, नगर भूमि,
3.अर्चना पाण्डेय को खनन, आबकारी, मद्यनिषेध,
4.जय कुमार सिंह जैकी को कारागार, लोक सेवा प्रबंधन,
5.अतुल गर्ग को खाद्य-रसद, नागरिक आपूर्ति, किराया नियंत्रण, उपभोक्ता संरक्षण, बाट माप, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन,
6.रणवेन्द्र प्रताप सिंह को कृषि, कृषि शिक्षा, कृषि अनुसंधान,
7.नीलकंठ तिवारी को विधि-न्याय, सूचना, खेल एवं युवा कल्याण,
8.मोहसिन रज़ा को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रानिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, मुस्लिम वक्फ, हज,
9.गिरीश यादव को नगर विकास, अभाव सहायता एवं पुनर्वास,
10.बलदेव ओलाख को अल्पसंख्यक कल्याण, सिंचाई, सिंचाई (यांत्रिक),
11.मन्नु कोरी को श्रम सेवा योजना,
12.संदीप सिंह को बेसिक, माध्यमिक, उच्च, प्राविधिक, चिकित्सा शिक्षा तथा
13.सुरेश पासी को आवास, व्यवसायिक शिक्षा, कौशल विभाग का कार्यभार आवंटित किया गया है

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Sunday, 19 March 2017

MCD Election एमसीडी को गंदगी मुक्त करने चुनाव में उतरीं इंटरनेशनल पैरा एथलिट सुवर्णा राज

-स्वराज इंडिया के टिकट पर बाबर पुर वार्ड से लड़ रही हैं चुनाव
-व्हील चेयर के जरिए ही कर रही हैं प्रचार
बलिराम सिंह, नई दिल्ली
अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलिट सुवर्णा राज (34 साल) भी दिल्ली नगर निगम चुनाव के मैदान में उतर गई हैं। शारीरिक तौर पर दिव्यांग सुवर्णा राज स्वराज इंडिया के टिकट पर पूर्वी दिल्ली नगर निगम के बाबरपुर वार्ड (50) से चुनाव लड़ रही हैं। बचपन में ही सुवर्णाराज पोलिया की शिकार हो गई थीं। सुवर्णा राज इंटरनेशनल पैरा टेबल टेनिस प्लेयर के तौर पर कई बार अवार्ड जीत चुकी है। सुवर्णा राज को राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है। फिलहाल आप व्हिल चेयर के जरिए ही चुनाव प्रचार कर रही हैं।
सुवर्णा राज का कहना है कि कई दिव्यांग राजनीति में अच्छे पदों पर हैं, लेकिन उन्होंने समाज के लिए बेहतर कार्य नहीं किया है। चुनाव जीतने पर मैं दिव्यांगों के लिए बेहतर कार्य करना चाहती हूं। मेरा मुख्य मुद्दा सफाई व्यवस्था रहेगा। सुवर्णा का यह भी कहना है कि सड़कों को दिव्यांगों और आम जनता के अनुकूल बनाए जाने पर जोर दूंगी। सुवर्णा क्षेत्र की बुनियादी समस्याएं जैसे सड़क, ड्रेनेज और सफाई व्यवस्था को दूरूस्त करने के लिए चुनाव मैदान में उतरी हैं।
नागपुर की रहने वाली सुवर्णा रोजाना 25 किलोमीटर की यात्रा बस, मेट्रो, रिक्शा और अन्य साधनों के जरिए करके ड्यूटी जाती हैं। चुनाव प्रचार में भी सुवर्णा राज इन्हीं साधनों का इस्तेमाल कर रही हैं। अपने गृह शहर नागपुर की तर्ज पर सुवर्णा दिल्ली को भी गारबेज मुक्त बनाना चाहती हैं। गलियों को साफ-सुथरा रखना चाहती हैं। स्वराज इंडिया के प्रवक्ता अनुपम कहते हैं कि आम तौर पर राजनीतिक दल दिव्यांगों और महिलाओं को टिकट देने में ज्यादा रूचि नहीं लेते हैं। सुवर्णा की कड़ी मेहनत और समाज सेवा के प्रति उनकी लगन से साफ है कि चुनाव में उन्हें जीत अवश्य मिलेगी।

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Wednesday, 15 March 2017

नदियों के बीच स्थित चट्‌टानों का भी होगा संरक्षण




बलिराम सिंह, नई दिल्ली
भारत की नदियों में छोटी पथरीली चट्‌टानों का भी प्रबंधन किया जाएगा। केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय की ओर से भारत की नदियों में छोटी पथरीली चट्टानों के प्रबंधन को लेकर 17 मार्च 2017 को नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। National Seminar on Sediment Management in Indian Rivers
एक दिवसीय इस राष्ट्रीय सम्मेलन में एनजीआरबीए के विशेषज्ञ सदस्य डॉ. एम.ए. चिताले, आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर विनोद तरे, आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर ए.के.गोसेन, पुणे स्थित सीडब्ल्यूपीआरएस के निदेशक डॉ. एम. के. सिन्हा सहित कई विशेषज्ञ शामिल होंगे। सम्मेलन का उद्घाटन केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती करेंगी।
बता दें कि केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने भारतीय नदियों में छोटी पथरीली चट्टानों के प्रबंधन के विषय में तुरंत प्रभाव से व्यापक कार्य नीति बनाने की आवश्यकता पर पहले ही बल दिया था। ऐसे में मंत्रालय का मानना है कि इस तरह की किसी भी नीति को संबंधित हितधारकों के साथ गहन परामर्श एवं व्यापक चिंतन के बाद ही विकसित किया जा सकता है।
 नदियों में छोटी पथरीली चट्टानों के प्रबंधन को लेकर एक व्यापक नीति तैयार करने की आवश्यकता को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। दरअसल बाढ़, पर्यावरण, नदी की स्थिति एवं जल परिवहन आदि पर इसके गंभीर प्रभाव पड़ते हैं।

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Sunday, 12 March 2017

बसपा-सपा अपने लक्ष्य से भटक गई हैं: नीतीश कुमार


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